एचबी ब्यूरो | शिमला
केंद्रीय मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने NariShaktiVandan अधिनियम को लेकर कांग्रेस और INDI गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि भाजपा की विचारधारा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला सशक्तिकरण विज़न का ऐतिहासिक हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास यात्रा का नेतृत्व करने वाला बनाया है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि 2014 के बाद केंद्र सरकार ने महिलाओं के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि शौचालय निर्माण ने महिलाओं की गरिमा, स्वास्थ्य और शिक्षा को मजबूत किया। उन्होंने उज्ज्वला योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इससे करोड़ों महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिली और उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ।
महिलाओं को पहले अवसर नहीं मिलते थे
उन्होंने कहा कि पहले महिलाओं को अवसर नहीं मिलते थे, लेकिन मोदी सरकार ने उन्हें सिविल सेवा, तकनीकी शिक्षा, शोध और रक्षा क्षेत्रों में आगे बढ़ने का अवसर दिया। डॉ. सिंह ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया में 33% आरक्षण देकर मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पिछले 50 वर्षों तक महिला आरक्षण को केवल टाला है, जबकि मोदी सरकार ने इसे वास्तविकता में बदला। उन्होंने कहा कि INDI गठबंधन ने इस ऐतिहासिक कानून को रोकने का प्रयास किया, जो महिलाओं के अधिकारों के साथ विश्वासघात है। भाजपा नेता ने यह भी कहा कि भाजपा संगठन में पहले से ही महिलाओं को 33% से अधिक भागीदारी दी गई है, जबकि कांग्रेस परिवारवाद पर आधारित राजनीति करती है।
प्रियंका गांधी के नारे पर उठाया सवाल
इस मौके पर भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद सरोज पांडे ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को लंबे समय तक केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया। उन्होंने प्रियंका गांधी के “लड़की हूं, लड़ सकती हूं” नारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों की असली लड़ाई के समय यह नारा कहीं दिखाई नहीं दिया।




