Him Beat News, मंडी |हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस की सुक्खू सरकार पर चौतरफा हमला बोला है। सराज विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का झूठ अब जनता के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुका है। स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों ने साबित कर दिया है कि लोग जनविरोधी नीतियों और बढ़ते आर्थिक बोझ से नाराज हैं।
निकाय चुनाव में कांग्रेस की हार, पंचायती राज में भी होगा सफाया
जयराम ठाकुर ने अपनी प्रेस रिलीज में दावा किया कि स्थानीय निकाय चुनावों में जनता ने कांग्रेस को स्पष्ट रूप से नकार दिया है। उन्होंने कहा कि आने वाले पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में भी कांग्रेस का पूरी तरह सफाया होना तय है। हिमाचल की जनता अब कांग्रेस की कथनी और करनी का अंतर अच्छी तरह समझ चुकी है। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार साढ़े तीन साल के कार्यकाल में विकास की एक भी उपलब्धि नहीं गिना सकी है। 2,000 से ज्यादा सरकारी संस्थानों को बंद करना, लाखों सरकारी पदों को समाप्त करना और हजारों आउटसोर्स और अस्थायी कर्मचारियों को नौकरी से निकालना, ये सभी इस सरकार की मुख्य उपलब्धियां हैं। वर्तमान में प्रदेश में विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं, कर्मचारी और पेंशनर अपने हक के लिए परेशान हैं, और युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है।

बिजली पर अतिरिक्त सेस: जनता की जेब पर सीधा डाका
मुफ्त बिजली के वादे पर घेरते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि चुनाव से पहले 300 यूनिट फ्री बिजली देने का दावा करने वाली कांग्रेस ने सत्ता में आते ही भाजपा सरकार की 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना भी छीन ली। अब गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को भारी-भरकम बिजली बिल भरने पड़ रहे हैं। इसके अलावा, सरकार ने जनता और कारोबारियों पर निम्नलिखित अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाल दिए हैं। होटल, निजी अस्पताल, पेट्रोल पंप और मॉल पर टैक्स लगाकर अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
झूठी गारंटियों से खुद को ठगा महसूस कर रहे युवा और महिलाएं
जयराम ठाकुर ने कहा कि चुनाव से पहले महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने और युवाओं को 5 लाख रोजगार देने का वादा सिर्फ कागजी साबित हुआ। आज तक एक भी गारंटी पूरी नहीं हुई है। चुनाव से पहले केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए विभिन्न योजनाओं के नाम पर लोगों से फॉर्म भरवाए गए थे, जिससे आज प्रदेश का युवा और महिलाएं खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पर चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाया। कहा कि कैबिनेट बैठक और सरकारी मंचों के माध्यम से लगातार घोषणाएं की जा रही हैं और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर चुनावी माहौल को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।










