Him Beat News, शिमला । हिमाचल प्रदेश में चल रहे पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के लिए वीरवार को वोट डाले गए। इस बार गांवों के लोगों में वोट देने के लिए भारी उत्साह देखने को मिला, जिससे वोटिंग का पिछला रिकॉर्ड टूट गया। राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, दूसरे चरण में 80 फीसदी मतदान दर्ज किया गया है। अभी कुछ दूरदराज के इलाकों से फाइनल रिपोर्ट आना बाकी है। आंकड़ा बढ़ सकता है।
सुबह 7:00 बजे जैसे ही पोलिंग बूथ खुले, ग्रामीण क्षेत्रों में पुरुषों और महिलाओं की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। दोपहर 3:00 बजे तक प्रदेश की 1,276 ग्राम पंचायतों में शांतिपूर्ण तरीके से वोट डाले गए। चुनाव की सबसे बड़ी और खास बात यह रही कि महिलाओं ने बढ़-चढ़कर लोकतंत्र के इस त्योहार में हिस्सा लिया। प्रदेश के 9 जिलों में महिलाओं का वोट प्रतिशत पुरुषों से भी ज्यादा रहा। यह साफ दिखाता है कि हिमाचल के गांवों में महिलाएं अब अपने हक और राजनीतिक बदलाव को लेकर कितनी जागरूक हो चुकी हैं।

कुल्लू जिला सबसे आगे, 86% मतदाताओं ने डाले वोट
अगर जिलावार आंकड़ों की बात करें, तो कुल्लू जिला वोट देने में सबसे आगे रहा। यहां सबसे ज्यादा 86 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कुल्लू में महिलाओं ने भी सबसे ज्यादा (86%) वोटिंग की। इसके बाद दूसरे नंबर पर सिरमौर जिला रहा, जहां 85 प्रतिशत वोटिंग हुई। दूसरी तरफ, पहाड़ों से घिरे कठिन इलाके वाले लाहौल-स्पीति जिले में सबसे कम, केवल 69 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अगर पिछले चुनावों से तुलना करें, तो साल 2021 में हुए पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में करीब 76 प्रतिशत वोट पड़े थे। इस बार यह आंकड़ा 4% बढ़कर 80% तक पहुंच गया है।
प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों के नतीजे घोषित, जिला परिषद के 31 मई को

जैसे ही दोपहर 3 बजे वोटिंग खत्म हुई, पोलिंग बूथों पर ही वोटों की गिनती शुरू कर दी गई थी। देर रात तक ग्राम पंचायतों के प्रधान, उप-प्रधान और वार्ड पंचों के नतीजे घोषित कर दिए गए और जीतने वाले उम्मीदवारों को सर्टिफिकेट भी दे दिए गए। अब बात करें जिला परिषद वार्डों और पंचायत समिति (बीडीसी) सदस्यों की, तो इनके लिए वोटों की गिनती 31 मई, 2026 को होगी।






