Him Beat News, मंडी | हिमाचल प्रदेश के मंडी सेशंस कोर्ट ने मादक द्रव्य अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने कुल्लू जिले के निवासी गुलाब चंद को 645 ग्राम चरस बरामदगी के मामले में दोषी करार देते हुए तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
हरियाणा रोडवेज की बस में ले जा रहा था चरस
यह पूरा मामला 25 जनवरी 2020 का है। स्टेट विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम मंडी के सौलीखड्ड क्षेत्र में गश्त पर थी। टीम को पुख्ता जानकारी मिली कि कुल्लू का एक व्यक्ति हरियाणा रोडवेज की बस में चरस की बड़ी खेप लेकर मंडी की तरफ आ रहा है। सूचना मिलते ही विजिलेंस ने तुरंत एक्शन लिया और बिंद्राबनी के पास नाका लगा दिया। जैसे ही कुल्लू की तरफ से आ रही हरियाणा रोडवेज की बस वहां पहुंची, उसे रोककर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान बस की सीट नंबर 15 पर बैठे आरोपी गुलाब चंद के बैग की चेकिंग की गई।
बैग से बरामद हुए थे चरस के 5 पैकेट
आरोपी के बैग को खोलने पर पुलिस को उसके भीतर से पांच पॉलिथीन पैकेट मिले। संदेह होने पर जब इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीन से इसका वजन किया गया, तो उसमें कुल 645 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने मौके पर ही नशीले पदार्थ को जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और प्रतापनगर थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
14 गवाहों की गवाही से साबित हुआ दोष: मामले की तफ्तीश पूरी होने के बाद पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया। अदालत में चले लंबे ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष (Prosecution) की ओर से पुख्ता सबूत और कुल 14 गवाह पेश किए गए। सेशन कोर्ट ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को सही पाते हुए आरोपी को मुकम्मल तौर पर दोषी ठहराया। अदालत ने आदेश दिया है कि यदि दोषी गुलाब चंद 10 हजार रुपये का जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे एक महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।










