Him Beat News, शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने हाल ही में संपन्न हुए नगर निगम चुनावों के बाद एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। प्रदेश सरकार ने सोलन, मंडी, धर्मशाला और पालमपुर नगर निगम में मेयर पद अनारक्षित (ओपन) घोषित कर दिया है। शहरी विकास विभाग की ओर से मंगलवार को इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना (Notification) भी जारी कर दी गई है।
यह आदेश हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1994 एवं नगर निगम चुनाव नियम 2012 के तहत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किया गया है। सरकार ने इस आदेश की प्रति राज्य चुनाव आयोग, शहरी विकास निदेशालय और संबंधित जिलों के उपायुक्तों (DC) व नगर निगम आयुक्तों को भेज दी है।
चारों नगर निगमों में राजनीतिक समीकरण
हाल ही में हिमाचल प्रदेश के चार नगर निगमों में चुनाव संपन्न हुए हैं, जिनके नतीजों के बाद राजनीतिक समीकरण काफी दिलचस्प हो गए हैं। सोलन, मंडी और धर्मशाला नगर निगम में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। पालमपुर नगर निगम में कांग्रेस पार्टी को बढ़त मिली है। पिछली बार धर्मशाला और सोलन में मेयर का पद महिलाओं के लिए आरक्षित था, जबकि पालमपुर और मंडी में महापौर की सीट अनारक्षित थी। लेकिन इस बार चारों ही निगमों में सीट ओपन रहेगी।
मेयर पद ओपन होने से बढ़ी दावेदारी, बगावत रोकने की चुनौती
आरक्षण रोस्टर में मेयर का पद अनारक्षित या ओपन होते ही चारों नगर निगमों में महापौर और उप-महापौर (Deputy Mayor) पद के लिए पार्षदों की दावेदारी और राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।सोलन, मंडी और धर्मशाला में भाजपा के पार्षदों के बीच, तो वहीं पालमपुर में कांग्रेस के पार्षदों के बीच मेयर की कुर्सी हासिल करने के लिए लॉबिंग शुरू हो चुकी है। सीट ओपन होने की वजह से अब दौड़ में कई वरिष्ठ और नए चेहरे शामिल हो गए हैं। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों को अपने-अपने बहुमत वाले निगमों में पार्षदों के बीच आपसी तालमेल बैठाना होगा, ताकि पार्टी के भीतर बगावत या गुटबाजी जैसी स्थिति पैदा न हो।








