Him Beat News, चंबा | हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक बेहद गंभीर और तनावपूर्ण मामला सामने आया है। चंबा के तीसा उपमंडल के तहत आने वाले आयल गांव में पंचायत चुनाव की पुरानी रंजिश को लेकर दो घरों में आगजनी की गई। घटना के बाद पूरे इलाके में देर रात तक भारी तनाव का माहौल बना रहा। चंबा पुलिस की मुस्तैदी चलते समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया, जिससे बड़ा विवाद नहीं फैल सका।
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात करीब 9:13 बजे थाना तीसा को आयल गांव में आगजनी और कुछ गुटों के बीच हिंसक टकराव की सूचना मिली थी, जिसके बाद तुरंत पुलिस बल मौके पर रवाना किया गया। पुलिस ने इस मामले में बखतू खान (निवासी सरोगा, डाकघर आयल) के बयान के आधार पर पूर्व प्रधान समेत 11 पर एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, वह जंगल में जड़ी-बूटी खोजने गया हुआ था और शाम को अपने नए घर लौट रहा था। रात करीब 8:00 बजे आयल से साहू जाने वाले रास्ते पर भारी शोर-शराबा सुनाई दिया, जहां कुछ लोग नारेबाजी करते हुए उसके घर की तरफ बढ़ रहे थे। भीड़ को देखकर शिकायतकर्ता डर के मारे घर के पास ही छिप गया। इसके बाद उग्र भीड़ ने उसके घर पर जमकर पथराव किया और फिर मकान को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने खजराला निवासी जान मुहम्मद के घर को भी आग लगा दी।
पूर्व प्रधान समेत 11 लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज
बखतू खान की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कुल 11 लोगों को नामजद किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पंचायत चुनाव के दौरान पीड़ित और उसके परिवार को एक विशेष पक्ष के समर्थन में वोट डालने के लिए लगातार धमकियां दी जा रही थीं और इसी चुनावी रंजिश के कारण इस वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने दुनी चंद (पूर्व प्रधान आयल), होम देई, शेर सिंह, बृज लाल, केहर सिंह, गगन, तेज सिंह, रमेश, डोगरी, केवल और कुलदीप के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चंबा पुलिस ने इस हिंसा और आगजनी के मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2), 190, 326 (जी) और 352 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है।
एसपी चंबा विजय कुमार सकलानी ने बताया कि घटना के बाद स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस टीम विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटा रही है और मामले की गहन जांच जारी है।








