Him Beat Bureau, शिमला | हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर औद्योगीकरण, इंडस्ट्रियल पैकेज और मेडिकल डिवाइस पार्क को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के बजाय जमीन के प्लॉट बेचने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि सरकार को इंडस्ट्रियल पैकेज में अनियमितताओं का संदेह है, तो उसे इसकी जांच करवाकर कार्रवाई करनी चाहिए।
शिमला से जारी बयान में जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह ‘स्टेट लीडर की बजाय रियल एस्टेट डीलर’ की तरह बातें कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण प्रदेश में औद्योगिक विकास प्रभावित हो रहा है और उद्योगों के सामने मुश्किलें बढ़ रही हैं।
इंडस्ट्रियल पैकेज पर सरकार को घेरा
जयराम ठाकुर ने कहा कि दुनिया भर में औद्योगीकरण को विकास और रोजगार का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। राज्य सरकारें निवेश आकर्षित करने के लिए उद्योगों को विभिन्न प्रकार की सुविधाएं और प्रोत्साहन देती हैं। ऐसे में हिमाचल सरकार को भी प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा उद्योग स्थापित करने और मौजूदा उद्योगों के लिए बेहतर माहौल बनाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश का औद्योगिक क्षेत्र अवैध वसूली का अड्डा बन गया है और उद्योग दूसरे राज्यों की ओर जाने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से उद्योगों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से हल करने की मांग की। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री इंडस्ट्रियल पैकेज को घोटाला मानते हैं, तो इसकी जांच करवाई जानी चाहिए और अनियमितताएं सामने आने पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार औद्योगीकरण के दीर्घकालिक लाभों को नजरअंदाज कर रही है।

मेडिकल डिवाइस पार्क और बल्क ड्रग पार्क पर उठाए सवाल
जयराम ठाकुर ने मेडिकल डिवाइस पार्क और बल्क ड्रग पार्क का जिक्र करते हुए कहा कि ये परियोजनाएं हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और रोजगार के अवसर पैदा करने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन परियोजनाओं के जरिये औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाने के बजाय प्लॉट बेचने पर अधिक ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि औद्योगीकरण से प्रदेश में निवेश आता है, अर्थव्यवस्था को गति मिलती है और रोजगार के प्राथमिक, द्वितीयक तथा तृतीयक अवसर पैदा होते हैं। इससे पलायन रोकने और दीर्घकालिक आर्थिक अवसर तैयार करने में भी मदद मिल सकती है। जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री के वर्ष 2027 तक हिमाचल को आत्मनिर्भर और वर्ष 2032 तक देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने के लक्ष्य पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि औद्योगीकरण को बढ़ावा दिए बिना इन लक्ष्यों को हासिल करना चुनौतीपूर्ण होगा।
धारा 118 में छूट को लेकर भी लगाए आरोप
जयराम ठाकुर ने धारा 118 में छूट देने के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रावधान में ढील देने के लिए बार-बार प्रयास किए गए और भाजपा विधायक दल के विरोध के बाद सरकार को इस दिशा में कदम पीछे खींचने पड़े। उन्होंने मुख्यमंत्री पर अपने मित्रों के नेटवर्क के जरिए धारा 118 में छूट दिलाने की व्यवस्था को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया। ये आरोप जयराम ठाकुर ने अपने बयान में लगाए हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों और जनहित से जुड़ी संस्थाओं के संचालन को लेकर भी सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने विद्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों को बंद करने के फैसलों का उल्लेख करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली की आलोचना की।
रोबोटिक सर्जरी की फीस बढ़ने का मुद्दा उठाया
जयराम ठाकुर ने रोबोटिक सर्जरी की फीस बढ़ाकर 90,000 रुपये किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि करीब एक साल में इसकी फीस तीन गुना बढ़ गई है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष अगस्त में रोबोटिक सर्जरी को हिम केयर और आयुष्मान भारत योजनाओं के तहत शामिल करने का भरोसा दिया था, लेकिन यह आश्वासन अब तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हिम केयर योजना को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है। जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री से अपने वादों को पूरा करने और स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों के लिए सुलभ बनाए रखने की मांग की।












