Him Beat Bureau, शिमला।
हिमाचल प्रदेश में पुलिस जवानों के आवासों और पुलिस भवनों की मरम्मत के लिए आवंटित सरकारी धन के कथित दुरुपयोग के मामले में शिमला के तत्कालीन एसएसपी एवं डीआईजी संजीव गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस मुख्यालय की ओर से गठित ऑडिट समिति की रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितताओं के तथ्य सामने आने के बाद पुलिस थाना शिमला में मामला दर्ज किया गया। एफआईआर संख्या 139/2026, दिनांक 22 अक्टूबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5) के तहत दर्ज हुई है।
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 से 2024-25 के दौरान पुलिस भवनों और जवानों के सरकारी आवासों की मरम्मत एवं रखरखाव के लिए आवंटित करीब 1.28 करोड़ के खर्च में अनियमितताएं पाई गईं। इनमें से 14,07,392 रुपये तत्कालीन एसएसपी के शिमला स्थित सरकारी आवास ‘साउथवुड’ पर खर्च किए जाने दर्शाए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, इस आवास की मरम्मत के लिए सरकार या पुलिस मुख्यालय से अलग बजट स्वीकृत होने के दस्तावेज नहीं मिले।
रामपुर और शोघी के लिए निर्धारित धनराशि पर भी सवाल
ऑडिट समिति ने रामपुर और शोघी में मरम्मत कार्यों के लिए निर्धारित धनराशि के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि शोघी में मरम्मत कार्य पूरा होने का दावा किए जाने के बावजूद संबंधित कार्यों के पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं थे। रामपुर में एसडीपीओ आवास की मरम्मत के लिए स्वीकृत 2.80 लाख रुपये तत्कालीन एसएसपी के शिमला स्थित सरकारी आवास पर खर्च दर्शाए गए। शोघी में पुलिस बैरियर की गुमटी की मरम्मत के लिए निर्धारित 2.50 लाख रुपये भी एसएसपी आवास पर खर्च दर्शाए गए। ऑडिट में शोघी में मरम्मत कार्य पूरा होने के प्रमाण नहीं मिले।
दो वित्त वर्षों के खर्च पर भी आपत्ति
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 में 1.62 लाख रुपये और 2024-25 में 7.22 लाख रुपये तत्कालीन एसएसपी के आवास पर खर्च दर्शाए गए। इन कार्यों के लिए जरूरी पूर्व स्वीकृति और जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं पाए गए। रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2025-26 के 28.67 लाख रुपये के बजट के तहत प्रस्तावित 50 कार्यों का भी उल्लेख है। इनमें से 22 कार्य किए जाने का रिकॉर्ड मिला, जबकि 13 कार्य मूल स्वीकृत प्रस्ताव से बाहर के बताए गए। ऑडिट समिति ने स्वीकृत प्रस्तावों से अलग कार्यों पर धन खर्च किए जाने की प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई।
शोघी पुलिस पोस्ट की स्थिति भी चर्चा में
रिपोर्ट में पुलिस जवानों के आवासों और कार्यस्थलों की मरम्मत के लिए निर्धारित धनराशि के इस्तेमाल पर सवाल उठाए गए हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार, शोघी पुलिस पोस्ट अब भी एक कंटेनर में संचालित हो रही है, जहां पुलिस कर्मचारियों को कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी करनी पड़ रही है। ऑडिट में संबंधित खर्चों के पर्याप्त अभिलेख नहीं मिलने के कारण यह जांच का विषय है कि धनराशि वास्तव में किन कार्यों पर खर्च हुई और क्या वित्तीय नियमों के तहत आवश्यक स्वीकृतियां ली गई थीं।
मामले की जांच जारी
ऑडिट रिपोर्ट में दर्ज तथ्यों के आधार पर संजीव गांधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह धारा आपराधिक विश्वासघात से संबंधित है। अब जांच के दौरान आरोपों, खर्च के रिकॉर्ड और संबंधित स्वीकृतियों की पड़ताल की जाएगी। फिलहाल एफआईआर दर्ज होना आरोपों का अंतिम प्रमाण नहीं है। मामले में संबंधित पक्ष का जवाब और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही तथ्यों की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।














