Him Beat Bureau, शिमला | हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के जुब्बल थाना क्षेत्र के तहत एनएच-705 (दोची के समीप) पर मिले एक व्यक्ति के शव के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने हत्या की इस वारदात को महज 24 से 48 घंटों के भीतर सुलझाते हुए नेपाल भागने की फिराक में बैठे दो आरोपियों को ISBT शिमला से दबोच लिया है। आरोपियों ने हत्या को सड़क दुर्घटना का रूप देने की साजिश रची थी, जिसे पुलिस ने अपनी मुस्तैदी से नाकाम कर दिया।
क्या था पूरा मामला?
18 अक्तूबर 2026 की रात शिकायतकर्ता साहिल अपने साथियों के साथ हाटकोटी से मंडोल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान दोची के समीप एनएच-705 पर एक व्यक्ति खून से लथपथ अवस्था में मृत पड़ा मिला। मुख्य सड़क से नीचे नाले की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर भी खून के निशान मिलने से हत्या की आशंका गहरी हो गई। इस संबंध में पुलिस थाना जुब्बल में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला (एफआईआर संख्या 53/2026) दर्ज किया गया। मृतक की पहचान धीरेन्द्र थापा (33 वर्ष) निवासी नेपाल (हाल निवासी गांव बाउली, डाकघर दोची, तहसील जुब्बल) के रूप में हुई, जो मजदूरी करते थे।
शराब के नशे में हुआ था विवाद, रची गई झूठी कहानी

एडिशनल एसपी सिटी मेहर पंवार ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि घटना से ठीक पहले मृतक धीरेन्द्र थापा और दोनों आरोपी एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर उनके बीच तीखा झगड़ा हो गया, जिसमें धीरेन्द्र की मौत हो गई। अपनी करतूत पर पर्दा डालने और पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने शव को राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे फेंक दिया, ताकि यह लगे कि किसी वाहन ने टक्कर मारकर एक्सीडेंट कर दिया है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे थे। उन्होंने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए और क्षेत्र से भागने की योजना बनाई।
आरोपी पहले खड़ापत्थर पहुंचे और वहां से पिकअप वाहन में लिफ्ट लेकर ठियोग के पास आए। पुलिस की कड़ी नाकाबंदी और धरपकड़ के डर से उन्होंने एक रात जंगल में बिताई। अगले दिन तड़के वे शिमला पहुंचे और नेपाल भागने की ताक में थे। हालांकि, शिमला पुलिस की तकनीकी टीम और सूचना तंत्र ने तेजी दिखाते हुए उनकी गतिविधियों को ट्रैक कर लिया और ISBT शिमला से दोनों को धर दबोचा। आरोपियों में सूर्य दमाई उर्फ अनिश (27 वर्ष) निवासी जिला गुल्मी, नेपाल और सुमन खड़का (27 वर्ष), निवासी जिला सल्यान, नेपाल शामिल हैं। पुलिस की ओर से दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और गहन छानबीन जारी है।














