एचबी ब्यूरो, मंडी | हिमाचल प्रदेश के ‘छोटी काशी’ कहे जाने वाले ऐतिहासिक शहर मंडी में स्थित सरदार पटेल विश्वविद्यालय (SPU) का दूसरा दीक्षांत समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस गरिमामय समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने की। उन्होंने स्नातक छात्रों को संबोधित करते हुए उन्हें व्यक्तिगत करियर से ऊपर उठकर ‘विकसित भारत 2047’ के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल ने अपने संबोधन में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता का विचार आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे अपनी शिक्षा का उपयोग समाज के कमजोर वर्गों की मदद और पर्यावरण संरक्षण के लिए करें।

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SPU मंडी की उपलब्धियों पर एक नज़र
समारोह के दौरान कुलपति प्रोफेसर ललित कुमार अवस्थी ने विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की:
- डिग्री और मेडल: कुल 575 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई, जबकि 40 मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक (Gold Medal) से नवाजा गया।
- अनुसंधान और पेटेंट: विश्वविद्यालय ने 23 लाख रुपये की अनुसंधान परियोजनाएं हासिल की हैं और दो पेटेंट मंजूर कराए हैं।
- प्रकाशन: अब तक 60 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए जा चुके हैं।
- साझेदारी: विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों के साथ 22 समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
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शिक्षा और दीक्षांत के बीच का अंतर
राज्यपाल ने ‘दीक्षांत’ और ‘शिक्षांत’ के सूक्ष्म अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि सीखना एक निरंतर प्रक्रिया है जो जीवन भर चलती रहती है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को चरणबद्ध तरीके से लागू करने और भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की स्थापना के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रशंसा की। इस अवसर पर विधायक चंदर शेखर, उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, रजिस्ट्रार शशि पाल नेगी सहित कई गणमान्य व्यक्ति, संकाय सदस्य और अभिभावक उपस्थित रहे।







