एचबी ब्यूरो, शिमला | नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सहारा पेंशन योजना को लेकर हिमाचल सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर सुख की सरकार का प्रचार कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां सहारा पेंशनधारकों की पेंशन महीनों से बंद है। जब लोग कारण जानने पहुंचते हैं, तो उन्हें बताया जाता है कि उन्हें रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है। उन्होंने इसे सरकार की संवेदनहीनता करार दिया। सहारा पेंशन योजना पूर्व भाजपा सरकार ने शुरू की थी, जिससे 30,000 से अधिक शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को मदद मिल रही थी। अब योजना लगभग ठप हो चुकी है और जरूरतमंदों को समय पर लाभ नहीं मिल रहा।
संवेदनशीलता से संभालना चाहिए मामला
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जो लोग शारीरिक रूप से अक्षम हैं, उनके लिए यह पेंशन ही जीवन का सहारा होती है। दवाइयों और देखभाल का खर्च इसी से चलता है। ऐसे में पेंशन रोकना उनके जीवन पर सीधा असर डालता है। उन्होंने सरकार से अपील की कि इस मुद्दे को कुटिलता से नहीं, बल्कि संवेदनशीलता से संभाला जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि जो व्यक्ति चल-फिर नहीं सकता, वह सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाकर खुद को जीवित कैसे साबित करेगा? सरकार को ऐसे लोगों के पास जाकर सत्यापन करना चाहिए न कि उन्हें मृत घोषित कर पेंशन बंद करनी चाहिए।







