एचबी ब्यूरो, शिमला | शिमला में महिलाओं के स्वास्थ्य अधिकारों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने कमला नेहरू हॉस्पिटल में 24 घंटे का धरना शुरू कर दिया है। यह विरोध सरकार के उस फैसले के खिलाफ है, जिसमें गायनी ओपीडी को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) शिफ्ट किया गया है।
महिला समिति का आरोप है कि सरकार का यह फैसला पूरी तरह महिला विरोधी है। उनका कहना है कि अगर कमला नेहरू हॉस्पिटल में सुविधाओं की कमी थी, तो उन्हें बेहतर किया जाना चाहिए था, न कि सेवाओं को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया जाए। समिति का मानना है कि यह कदम गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए गंभीर समस्याएं पैदा करेगा। कमला नेहरू हॉस्पिटल को प्रदेश का प्रमुख मातृ एवं शिशु अस्पताल माना जाता है, जहां महिलाओं को विशेष देखभाल मिलती है। ऐसे में सेवाओं का बिखराव उनके स्वास्थ्य पर सीधा असर डाल सकता है।

इससे पहले 13 अप्रैल को भी महिला समिति ने इस मुद्दे पर जोरदार प्रदर्शन किया था। इसके बावजूद सरकार के रुख में कोई बदलाव नहीं आया। महिला समिति ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द फैसला वापस नहीं लिया, तो 30 अप्रैल को IGMC में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी मांगें नहीं मानी गईं, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन तेज करते हुए सचिवालय का घेराव किया जाएगा।
महिलाओं की क्या हैं मुख्य चिंताएं?
- IGMC में पहले से भारी भीड़, इलाज में देरी की आशंका
- संक्रमण का खतरा बढ़ने की संभावना
- एक ही छत के नीचे इलाज की सुविधा खत्म
- दूर-दराज से आने वाली महिलाओं को बढ़ी परेशानी
क्या हैं मुख्य मांगें
- गायनी ओपीडी को वापस कमला नेहरू हॉस्पिटल में लाया जाए
- अस्पताल में पहले की तरह बेहतर सुविधाएं बहाल की जाएं







