हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: अब ‘कार पूलिंग’ करेंगे जज, 50% स्टाफ को मिला ‘वर्क फ्रॉम होम’

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी खर्च और पेट्रोल बचाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब जज कार पूलिंग करेंगे और 50% स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम का नियम लागू कर दिया गया है।

May 19, 2026 3:55 AM

एचबी ब्यूरो, शिमला | केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए हिमाचल हाईकोर्ट ने ईंधन (पेट्रोल) की खपत को कम करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब कोर्ट के न्यायाधीश दफ्तर आने-जाने के लिए ‘कार पूलिंग’ करेंगे। इसके साथ ही, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के 50 फीसदी कर्मचारियों को सप्ताह में अधिकतम दो दिन घर से काम करने (Work From Home) की अनुमति दे दी गई है। इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने के आदेश हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया ने दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश के निर्देशों के बाद रजिस्ट्रार जनरल ने आधिकारिक सर्कुलर भी जारी कर दिया गया है।

सर्कुलर के अनुसार, इस नई नीति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा न्यायाधीशों से जुड़ा है। पेट्रोल के बढ़ते खर्च और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के जज अब अलग-अलग सरकारी गाड़ियों का इस्तेमाल करने के बजाय वाहन साझा (Share) करेंगे। इसे ‘कार पूलिंग’ कहा जाता है, जिसमें एक ही गाड़ी में कई न्यायाधीश एक साथ बैठकर कोर्ट परिसर पहुंचेंगे। इस कदम से न केवल सरकारी खजाने पर वित्तीय बोझ कम होगा, बल्कि शिमला जैसे पहाड़ी शहर में ट्रैफिक और प्रदूषण की समस्या से निपटने में भी मदद मिलेगी।

50% स्टाफ के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ और साप्ताहिक रोस्टर के नियम

प्रशासनिक खर्चों को कम करने के उद्देश्य से हाईकोर्ट की रजिस्ट्री की प्रत्येक शाखा या सेक्शन के लिए एक खास वर्क-फ्रॉम-होम गाइडलाइन तैयार की गई है। प्रत्येक विभाग का आधा स्टाफ (50%) हफ्ते में अधिकतम दो दिन घर से काम कर सकेगा। अदालत की न्यायिक और प्रशासनिक कार्यवाही सुचारु रूप से चलती रहे, इसके लिए बाकी का 50 प्रतिशत स्टाफ कार्यालय में अनिवार्य रूप से मौजूद रहेगा। रजिस्ट्रार को निर्देश दिए गए हैं कि वे नया सप्ताह शुरू होने से पहले ही कर्मचारियों का ‘साप्ताहिक रोस्टर’ तैयार कर लें ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

घर से काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सख्त शर्तें

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि घर से काम करने की यह सुविधा कुछ कड़ी और अनिवार्य शर्तों के अधीन होगी ‘वर्क फ्रॉम होम’ कर रहे सभी कर्मचारियों को अपनी ड्यूटी के घंटों के दौरान हर समय मोबाइल फोन पर उपलब्ध रहना होगा। किसी जरूरी काम या आपातकालीन स्थिति में बुलाए जाने पर कर्मचारी को बिना किसी देरी के तुरंत कार्यालय पहुंचना होगा। जिन विभागों का काम अत्यंत संवेदनशील है और फाइलों का भौतिक रूप से मौजूद होना जरूरी है, वहां यह नियम लागू नहीं होगा।

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