एचबी ब्यूरो, शिमला | Himachal Nikay Chunav 2026 को लेकर सियासी पारा पूरी तरह गरमाया हुआ है। प्रदेश के 51 शहरी स्थानीय निकायों में रविवार को मतदान होने जा रहा है। चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग और प्रशासन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। करीब 550 पोलिंग पार्टियों को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के साथ मतदान केंद्रों के लिए रवाना कर दिया गया है। सभी टीमों को शनिवार शाम तक ही पोलिंग बूथ तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि रविवार सुबह 7 बजे से मतदान की प्रक्रिया सुचारू रूप से शुरू हो सके।
3.80 लाख मतदाता चुनेंगे अपने जन प्रतिनिधि
इस बार प्रदेश के 4 नगर निगमों, 25 नगर परिषदों और 22 नगर पंचायतों में चुनाव आयोजित किए जा रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, शुरुआत में कुल 449 पदों के लिए चुनावी प्रक्रिया शुरू हुई थी। विभिन्न निकायों के 10 पार्षद पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं। अब शेष 439 पदों के लिए 1147 उम्मीदवार मैदान में हैं। प्रदेश के करीब 3 लाख 80 हजार मतदाता इन उम्मीदवारों के राजनीतिक भाग्य का फैसला करेंगे।
निर्विरोध चुने गए वार्ड: नगर पंचायत करसोग (वार्ड 1 व 3), नगर परिषद ज्वालामुखी (वार्ड 2), नगर पंचायत बंजार (वार्ड 6), नगर पंचायत रिवाल्सर (वार्ड 1), नगर पंचायत नेरवा (वार्ड 2, 3 व 4) और नगर पंचायत चिड़गांव (वार्ड 2) में प्रत्याशी निर्विरोध विजेता बन चुके हैं।
जिलावार पार्षदों की स्थिति
निकाय चुनाव में इस बार जिला कांगड़ा में सबसे दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है, जहां सबसे ज्यादा पार्षद चुने जाने हैं।
| जिला | चुने जाने वाले कुल पार्षद |
| कांगड़ा (Kangra) | 80 |
| मंडी (Mandi) | 65 |
| शिमला (Shimla) | 58 |
| सोलन (Solan) | 49 |
| ऊना (Una) | 48 |
| कुल्लू (Kullu) | 39 |
| बिलासपुर (Bilaspur) | 34 |
| सिरमौर (Sirmaur) | 33 |
| चंबा (Chamba) | 27 |
| हमीरपुर (Hamirpur) | 16 |
इसके अतिरिक्त, विभाजन के आधार पर देखें तो चार नगर निगमों में 64, नगर परिषदों में 229 और नगर पंचायतों में 156 पार्षद चुने जाएंगे। नगर परिषदों और नगर पंचायतों के नतीजों के लिए जनता को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा; मतदान समाप्त होते ही इनकी मतगणना शुरू कर दी जाएगी। हालांकि, सोलन, मंडी, पालमपुर और धर्मशाला के चार प्रमुख नगर निगमों के चुनावी परिणाम 31 मई को घोषित किए जाएंगे। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए चुनाव ड्यूटी में लगभग 3600 कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
विधानसभा 2027 का ‘सेमीफाइनल’
इन चुनावों को दिसंबर 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले का ‘सेमीफाइनल’ माना जा रहा है। चूंकि नगर निगम के चुनाव सीधे पार्टी सिंबल (चुनाव चिह्न) पर लड़े जा रहे हैं, इसलिए सत्तारूढ़ कांग्रेस और मुख्य विपक्षी दल भाजपा दोनों ने ही अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।







