Him Beat Bureau, शिमला। त्योहारों के दौरान पटाखों के अवैध भंडारण और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए शिमला पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी अभियान के तहत बालूगंज थाना पुलिस ने कच्चीघाटी में किराए के एक कमरे से बड़ी मात्रा में पटाखे बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, पटाखों के भंडारण और बिक्री से संबंधित वैध लाइसेंस या परमिट प्रस्तुत नहीं किए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, गश्त के दौरान टीम को सूचना मिली कि कच्चीघाटी में सब्जी और फल की दुकान चलाने वाले राम विलास गुप्ता ने एक भवन में कमरा किराए पर ले रखा है। इस कमरे में बिना वैध लाइसेंस के पटाखों का भंडारण किए जाने की सूचना थी। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कमरे की जांच की। जांच के दौरान पुलिस को कमरे से 12 प्लास्टिक बोरों और दो कार्टन बॉक्स में रखे पटाखे मिले। पुलिस के अनुसार, बरामद पटाखे 40 अलग-अलग प्रकार के थे, जिन्हें कुल 200 छोटे-बड़े बॉक्स में रखा गया था। इतनी बड़ी मात्रा में पटाखे मिलने के बाद पुलिस ने उनके भंडारण और बिक्री से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। पुलिस ने संबंधित व्यक्ति से पटाखे रखने और बेचने के लिए आवश्यक लाइसेंस या परमिट प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन वह वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका। इसके बाद पुलिस ने पटाखों को कब्जे में लेकर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
BNS और विस्फोटक अधिनियम के तहत केस दर्ज
इस मामले में बालूगंज पुलिस थाना में अभियोग संख्या 221/2026, दिनांक 20 अक्तूबर 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 और 288 तथा विस्फोटक अधिनियम, 1884 की धारा 9(बी) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की आगामी जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि पटाखों का भंडारण किस उद्देश्य से किया गया था। पुलिस के अनुसार, त्योहारों के दौरान पटाखों की मांग बढ़ने के मद्देनजर अवैध भंडारण और बिक्री के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।पुलिस ने आम लोगों और कारोबारियों से अपील की है कि पटाखों की खरीद, बिक्री और भंडारण के दौरान सभी आवश्यक नियमों का पालन करें। बिना वैध अनुमति के पटाखों का भंडारण सुरक्षा के लिहाज से जोखिमपूर्ण हो सकता है। पुलिस का उद्देश्य अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के साथ-साथ त्योहारों के दौरान आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।













