Him Beat Bureau, शिमला | हिमाचल प्रदेश की शिमला पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस थाना पश्चिम के तहत दर्ज चिट्टा (हेरोइन) बरामदगी के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस इस मामले की आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भी बारीकी से जांच कर रही है।
क्या था पूरा मामला?
13 अक्तूबर 2026 को शोघी चौकी के पास पुलिस की ओर से नाकाबंदी की गई थी। चेकिंग के दौरान एक बस की तलाशी ली गई, जिसमें ऊपर बने रैक पर रखे एक काले रंग के पिट्ठू बैग से लगभग 36 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। घटना के वक्त बैग का कोई भी मालिक मौके पर नहीं मिला था, जिसके चलते पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
डिजिटल साक्ष्यों और सीसीटीवी से खुलासे
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया। डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और सीसीटीवी फुटेज के गहन विश्लेषण के आधार पर इस तस्करी में तीन लोगों की संलिप्तता सामने आई। आरोपियों की पहचान इस प्रकार है।
अविनाश कपूर (31 वर्ष), निवासी – रामपुर, जिला शिमला
विशाल ठाकुर (26 वर्ष), निवासी – रामपुर, जिला शिमला
खुशवंत सिंह (31 वर्ष), निवासी – रामपुर, जिला शिमला
पुलिस ने मुख्य सुराग के आधार पर अविनाश कपूर को 16 अक्तूबर 2026 को गिरफ्तार कर लिया था।
इसके बाद, अन्य दो आरोपियों विशाल ठाकुर और खुशवंत सिंह को पुलिस थाना बालूगंज की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए रामपुर से 19 अक्तूबर 2026 को दबोच लिया। पुलिस तीनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर रही है। शिमला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।













