एचबी ब्यूरो, शिमला | एक स्थानीय अदालत ने नशे के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए हरियाणा के युवक को चिट्टा मामले में सजा सुनाई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (कोर्ट नंबर-5) सुस्मिता शर्मा की अदालत ने अंबाला निवासी मनोज कुमार शर्मा को एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 21 के तहत दोषी करार देते हुए दो महीने के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
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क्या था मामला?
यह मामला 8 नवंबर 2019 का है। रात करीब 11:50 बजे शिमला के कार्ट रोड सब्जी मंडी के पास पुलिस की टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस को देखकर आरोपी मनोज कुमार शर्मा (निवासी बलदेव नगर, अंबाला) ने घबराहट में अपने दाहिने हाथ से एक प्लास्टिक का पैकेट नीचे फेंक दिया। संदेह होने पर जब पुलिस ने पैकेट की तलाशी ली, तो उसमें 0.84 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद हुआ। मौके पर ही ड्रग डिटेक्शन किट से जांच करने पर पदार्थ का रंग गुलाबी से बैंगनी हो गया, जिससे उसके नशा होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने सदर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
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अदालत में ऐसे साबित हुआ जुर्म
मुकदमे के दौरान एसएफएसएल (SFSL) जुन्गा की रिपोर्ट ने पुष्टि की कि बरामद पदार्थ ‘डायएसिटाइल मॉर्फिन’ (हेरोइन) ही था। अदालत ने अपने फैसले में अभियोजन पक्ष के गवाहों—एएसआई अजीत सिंह, कांस्टेबल हेमंत और जितेंद्र के बयानों को विश्वसनीय माना। दोषी मनोज कुमार शर्मा को दो महीने के सश्रम कारावास के साथ 5,000 रुपये का जुर्माना देना होगा। यदि दोषी जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे अतिरिक्त समय के लिए जेल की सजा काटनी होगी।







