Rohru Firing Case: रोहड़ू हर्ष फायरिंग मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, 7 दिन में मांगी रिपोर्ट

Rohru Firing Case: रोहड़ू के कुलगांव में हर्ष फायरिंग से महिला की मौत के मामले में मजिस्ट्रियल जांच शुरू। एडीएम लॉ एंड ऑर्डर 7 दिन में सौंपेंगे रिपोर्ट। जानें क्या है पूरा मामला।

April 28, 2026 3:35 AM

एचबी ब्यूरो | शिमला/रोहड़ू

शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल के कुलगांव में हुई दुखद घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान हर्ष फायरिंग में हुई महिला की मौत के मामले में जिला प्रशासन ने अब मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।

जिला उपायुक्त एवं जिला दंडाधिकारी अनुपम कश्यप ने इस Rohru Firing Case की गंभीरता को देखते हुए एडीएम लॉ एंड ऑर्डर पंकज शर्मा को जांच सौंपी है। उन्हें सात दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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इन 5 प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित होगी जांच

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 196 के तहत जारी आदेशों में जांच अधिकारी को निम्नलिखित पहलुओं पर रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है:

  1. घटनाक्रम: फायरिंग से पहले और उस समय की परिस्थितियों का पूरा विवरण।
  2. जिम्मेदारी: घटना में शामिल व्यक्तियों और आयोजकों की लापरवाही की पहचान।
  3. शस्त्र अधिनियम: क्या घटना में ‘शस्त्र अधिनियम 1959’ के नियमों का उल्लंघन हुआ है?
  4. कारण: मृतका की मृत्यु के सटीक कारणों और परिस्थितियों की पुष्टि।
  5. प्रशासनिक चूक: क्या कार्यक्रम के आयोजन में सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई?

क्या था मामला?

यह घटना रविवार को कुलगांव में एक धार्मिक अनुष्ठान के दौरान हुई। आयोजन में लोग नृत्य और संगीत में मग्न थे, तभी कुछ लोगों ने खुशी में 12 बोर बंदूक से हवाई फायरिंग शुरू कर दी। इसी दौरान एक गोली 26 वर्षीय रीतिका को लग गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। रीतिका चिड़गांव तहसील की निवासी थीं।

धार्मिक आयोजनों में हथियारों पर पूर्ण प्रतिबंध

इस घटना के बाद उपमंडल प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। एसडीएम रोहड़ू ने उपमंडल के सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले धार्मिक व सामाजिक आयोजनों में हथियारों के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि उल्लंघन करने वालों के लाइसेंस तुरंत निरस्त किए जाएं। आयोजकों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि किसी भी प्रकार की हर्ष फायरिंग की जिम्मेदारी उनकी होगी।

पुलिस की कार्रवाई: हत्या का मामला दर्ज

पुलिस ने मामले में तत्परता दिखाते हुए हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि फायरिंग में इस्तेमाल किया गया हथियार किसका था और क्या वह लाइसेंसी था।

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